Tu Kisi Rail Si Guzarti Hai – Swanand Kirkire, Masaan – (तु किसी रेल सी गुज़रती है)

तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
तू भले रत्ती भर ना सुनती हो
मैं तेरा नाम बुदबुदाता हूँ
किसी लम्बे सफर की रातों में
तुझे अलाव सा जलाता हूँ

काठ के ताले हैं, आँख पे डाले हैं
उनमें इशारों की चाबियाँ लगा
रात जो बाकी है, शाम से ताकी है
नीयत में थोड़ी खराबियाँ लगा
मैं हूँ पानी के बुलबुले जैसा
तुझे सोचूँ तो फूट जाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ


Movie/Album: मसान (2015)
Music By: इंडियन ओशन
Lyrics By: वरुण ग्रोवर (प्रेरित: दुष्यंत कुमार)
Performed By: स्वानंद किरकिरे