Shubhaarambh – Shruti Pathak, Divya Kumar, Kai Po Che – (शुभारम्भ)

रंगी पर उड़ आवे 
खुशियों संग लावे 
हरखाये हइयो हाय हाय

आशा नी किरणों विखराए 
उमंगें वी छलकाए 
मन हळवे थी गुनगुनाए 
हाय हाय हाय हाय…

हे शुभारंभ, हो शुभारंभ, मंगल बेला आई 
सपनों की डेहरी पे दिल की बाजी रे शहनाई 
शहनाई, शहनाई…

ख़्वाबों के बीज, कच्ची ज़मीं पे
हमको बोना है
आशा के मोती, साँसों की माला 
हमें पिरोना है
अपना बोझ हाँ मिल के साथी, हमको ढोना है 
शहनाई…

रास रचील्यो, साज़ सजिल्यो
शुभ घड़ी छे आवी
आजा आजा टमटमाता 
शमणा ओ जलावी 
ओ लावी…
रंगी पर उड़ आवे 
खुशियों संग लावे…

हाँ मज़ा है ज़िन्दगी, नशा है ज़िन्दगी 
धीरे-धीरे चढ़ेगी, हो
दुआ दे ज़िन्दगी, बता दे ज़िन्दगी 
बात अपनी बनेगी, हो
ख़्वाबों के बीज…
हे रंग लो म्हाराना ए थाई थाई 
हे शुभारंभ हो शुभारंभ…


Movie/Album: काई पो छे (2013)
Music By: अमित त्रिवेदी
Lyrics By: स्वानंद किरकिरे, श्रुति पाठक
Performed By: श्रुति पाठक, दिव्या कुमार