Pyar Kiya To Darna Kya – Lata Mangeshkar, Mughal-e-Azam – (प्यार किया तो डरना क्या)

इंसान किसी से दुनिया में
एक बार मोहब्बत करता है
इस दर्द को लेकर जीता है
इस दर्द को लेकर मरता है

प्यार किया तो डरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया कोई चोरी नहीं की
छुप छुप आहें भरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या

आज कहेंगे दिल का फ़साना
जान भी ले ले चाहे ज़माना
मौत वही जो दुनिया देखे
घुट घुट कर यूँ मरना क्या
जब प्यार किया तो डरना क्या
प्यार किया तो डरना क्या

उनकी तमन्ना दिल में रहेगी
शम्मा इसी महफ़िल में रहेगी
इश्क में जीना इश्क में मरना
और हमें अब करना क्या
जब प्यार किया तो…

छुप ना सकेगा इश्क हमारा
चारों तरफ़ हैं उनका नज़ारा
परदा नहीं जब कोई खुदा से
बन्दों से परदा करना क्या
जब प्यार किया तो…


Movie/Album: मुग़ल-ए-आज़म (1960)
Music By: नौशाद
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: लता मंगेशकर