O Nigaahein Mastana – Kishore Kumar, Paying Guest – (ओ निगाहें मस्ताना)

ओ निगाहें मस्ताना
देख समां है सुहाना
तीर दिल पे चला के
आ, ज़रा झुक जाना
ओ निगाहें मस्ताना…

कोई देखे नशीले आँखें मल मल के
दिल कैसे बने न दीवाना
शम्मा करे है इशारे जब जल जल के
कहो क्या करे परवाना
ओ निगाहें मस्ताना…

दामन न बचाना मेरे हाथों से
शरमा के गले से लग जाना
जले चाँद सितारे जिन बातों से
सुन जा वही अफ़साना
ओ निगाहें मस्ताना…

बस्ती के दीयों को बुझ जाने दे
लहरा के न रुक-रुक जाना
चाहत का लबों पे नाम आने दे
यही प्यार का है ज़माना
ओ निगाहें मस्ताना…


Movie/Album: पेइंग गेस्ट (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार, आशा भोंसले