Mohabbat Mein Aise Kadam – Lata Mangeshkar, Anarkali – (मुहब्बत में ऐसे क़दम)

मेरी तकदीर मुझे आज कहाँ लायी हैं
शीशा शीशा जहाँ मेरा ही तमाशाई हैं

मुझे इल्ज़ाम न देना मेरी बेहोशी का
मेरी मजबूर मुहब्बत की ये रुसवाई है
मुहब्बत में ऐसे क़दम डगमगाये
ज़माना ये समझा के हम पी के आये

जिसे काम हो रात दिन आँसूओं से
उसे हुक़्म ये है हंसे और हंसाये
ज़माना ये समझा…

किसी की मुहब्बत में मजबूर होकर
हम उन तक तो पहुँचे, वो हम तक न आये
ज़माना ये समझा…

वो जिनके लिये ज़िंदगानी लुटा दी
ये बैठे हुए हैं मेरा दिल चुराये
ज़माना ये समझा…

छुपोगे कहाँ तक नज़र तो मिलाओ
तुम्हारी बला से मेरी जान जाये
ज़माना ये समझा…


Movie/Album: अनारकली (1953)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: राजिंदर कृष्ण
Performed By: लता मंगेशकर