Mere Ghar Aayi Ek Nanhin Pari – Lata Mangeshkar – (मेरे घर आयी एक नन्हीं परी)

मेरे घर आयी एक नन्हीं परी
चांदनी के हसीन रथ पे सवार

उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी साँसों में इतर सी महकास
होंठ कैसे के भीगे-भीगे गुलाब 
गाल जैसे के बहके-बहके अनार
मेरे घर आई…

उसके आने से मेरे आँगन में
खिल उठे फूल, गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूं उसे हजारों बार
मेरे घर आई…

मैंने पूछा उसे के कौन है तू
हंसके बोली के मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आयी हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई…


Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर