Lata Mangeshkar, Wo Kaun Thi – Naina Barse Rimjhim – (नैना बरसे रिमझिम)

नैना बरसे, रिम झिम रिम झिम
पिया तोरे आवन की आस

वो दिन मेरी निगाहों में
वो यादें मेरी आहों में
ये दिल अब तक भटकता है
तेरी उल्फत की राहों में
सूनी सूनी राहें, सहमी सहमी बाहें
आंखों में है बरसों की प्यास

नज़र तुझ बिन मचलती है
मोहब्बत हाथ मलती है
चला आ मेरे परवाने
वफ़ा की शम्मा जलती है
ओ मेरे हमराही, फिरती हूँ घबरायी
जहाँ भी है आ जा मेरे पास
नैना बरसे…

अधूरा हूँ मैं अफसाना
जो याद आऊँ चले आना
मेरा जो हाल है तुझ बिन
वो आकर देखते जाना
भीगी भीगी पलकें, छम-छम आंसू छलकें
खोयी खोयी आँखें हैं उदास
नैना बरसे…

ये लाखों गम ये तन्हाई
मोहब्बत की ये रुसवाई
कटी ऐसी कई रातें
ना तुम आए ना मौत आई
ये बिंदिया का तारा, जैसे हो अंगारा
मेहंदी मेरे हाथों की उदास
नैना बरसे…


Movie/Album: वो कौन थी (1964)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: राजा मेहंदी अली खान
Performed By: लता मंगेशकर