Lamhe Guzar Gaye – Anupam Roy, Piku – (लम्हें गुज़र गए)

लम्हें गुज़र गए, चेहरे बदल गए
हम थे अनजानी राहों में
पल में रुला दिया, पल में हँसा के फ़िर
रह गए हम भी राहों में

थोड़ा सा पानी है, रंग है
थोड़ी सी छाँव है
चुभती है आँखों में धूप ये
खुली दिशा हूँ मैं
और दर्द भी मीठा लगे
सब फासले कम हुए
ख़्वाबों से रस्ते सजाने तो दो
यादों को दिल में बसाने तो दो
लम्हें गुज़र गए…

थोड़ी सी बेरुखी जाने दो
थोड़ी सी ज़िन्दगी
लाखों सवालों में ढूँढूँ क्या
थक गई ये ज़मीं
जो मिल गया ये आसमां
लो आसमां से माँगूँ क्या
ख़्वाबों से रस्ते सजाने तो दो
यादों को दिल में बसाने तो दो
लम्हें गुज़र गए…


Movie/Album: पिकू (2015)
Music By: अनुपम रॉय
Lyrics By: अनुपम रॉय
Performed By: अनुपम रॉय