Jiske Sapne Humein Roz – Mahendra Kapoor, Lata Mangeshkar, Geet – (जिसके सपने हमें रोज़)

जिसके सपने हमें रोज़ आते रहे, दिल लुभाते रहे
ये बता दो, बता दो
ये बता दो कहीं तुम, वही तो नहीं, वही तो नहीं

जब भी झरनों से मैंने सुनी रागिनी
मैं ये समझा तुम्हारी ही पायल बजी
ओ जिसकी पायल पे
ओ जिसकी पायल पे हम दिल लुटाते रहे, जां लुटाते रहे
ये बता दो कहीं तुम…

जिसके रोज़ रोज़ हम गीत गाते रहे, गुनगुनाते रहे
ये बता दो कहीं तुम, वही तो नहीं
वही तो नहीं

ये महकते-बहकते हुए रास्ते
खुल गए आप ही प्यार के वास्ते
दे रही है पता मद-भरी वादियाँ
जैसे पहले भी हम-तुम मिले हो यहाँ
ओ कितने जन्मों से
कितने जन्मों से जिसको बुलाते रहे, आज़माते रहे
ये बता दो कहीं तुम…


Movie/Album: गीत (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर