Jaane Na Nazar – Mukesh,Lata Mangeshkar – (जाने न नज़र)

जाने न नज़र पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया
मेरा अंग-अंग मुस्काया

आवाज़ ये किसकी आती है
जो छेड़ के दिल को जाती है
मैं सुन के जिसे शर्मा जाऊं
है कौन जो दिल में समाया
मेरा अंग-अंग मुस्काया

ढूँढेंगे उसे हम तारों में
सावन की ठंडी बहारों में
पर हम भी किसी से कम तो नहीं
क्यों रूप को अपने छुपाया
मुझे रोज़-रोज़ तड़पाया

बिन देखे जिसको प्यार करूं
गर देखूँ उस को जान भी दूँ
एक बार कहो ओ जादूगर
ये कौन सा खेल रचाया
मेरा अंग-अंग मुस्काया


Movie/Album : आह (1953)
Music By : शंकर-जयकिशन
Lyrics By : हसरत जैपुरी
Performed By : मुकेश, लता मंगेशकर