Har Taraf Hai Ye Shor – Vinod Rathod, Vaastav – (हर तरफ है ये शोर)

तुझा घरात नाहीं पानी घाघर उतानी रे गोपाळ
अरे गोविंदा रे गोपाला गोविंदा रे गोपाला
यशोदे चा कान्यावादा यशोदे चा कान्यावादा

अरे टोली बना के निकले ग्वाले, करने को हुड़दंग
गोविंदा के दिन सब हो गए हैं, गोविंदा के संग
अरे समझे
हर तरफ है ये शोर, आया गोकुल का चोर
आज हम लोग मस्ती करेगा
कहीं मटकी तोड़े, कहीं नैना जोड़े
आज गड़बड़ घोटाला चलेगा
हर तरफ है ये शोर…

आला रे आला गोविंदा आला
छत के ऊपर खड़ी देखना फुलझड़ी
हम करेंगे कोई छेड़खानी
ओ हम चलें झूमने, आसमान चूमने
आज मस्ती में है ज़िन्दगानी
हाँ दे दो दुआएं माँ-जी, मारेंगे हम तो बाजी
दुश्मन ज़माना जलेगा
हर तरफ है ये शोर…

दगडू मामा, दगडू मामा, पेटी वाज़व, मामा पेटी वाज़व
दोन कोंबड्या दीन नाहीतर पथावूँ सोडाव
इस गली उस गली, बात अपनी चली
हो गया अपना ही बोलबाला रे
हो जोश में होश का, दोस्तों काम क्या
हमसे टक्कर न ले कोई साला
हम सब हैं दिल के राजे, अपना ही डंका बाजे
अपना ही सिक्का चलेगा
हर तरफ है ये शोर…


Movie/Album: वास्तव (1999)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: समीर
Performed By: विनोद राठोड़