Halo Re – Aman Trikha, Prem Ratan Dhan Payo – (हालो रे)

हालो रे, हालो रे, हालो रे, हालो रे
राधा के अंगना 
हालो रे, हालो रे, हालो रे, हालो रे
है राधा को रंगना
छुई-मुई राधा रानी कान्हा से शर्माए
नख शिख आधे-आधे पिया को दिखलाए 
तन-मन काँपे राधा सिहर-सिहर जाए 
हालो रे, हालो रे, हालो रे…

राधा तोरा रंग धूप सा, किसना के मन को भावे रे 
कैसे कोई होरी के दिन, धूप को रंग लगावे रे 
लुक छिप जाए कहाँ, रुक जा रे भोली 
मिलकर आज दर खेलेंगे होली 
बस इक बार लागे शगुन का टिका 
हालो रे, हालो रे, हालो रे, हालो रे…

राधा तू है मोरी बांसुरी, तोहरे बिन कान्हा आधा रे 
तोसे अरज रहना, अधरों से लग के ज़्यादा रे 
एक पल रूठ गयी सुन कर ये राधा 
इस बार कान्हा को प्यार आया ज़्यादा
जब मन प्रेम रंगा सकल रंग फीका 
हालो रे, हालो रे, हालो रे, हालो रे…


Movie/Album: प्रेम रतन धन पायो (2015)
Music By: हिमेश रेशमिया
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: अमन त्रिखा