Dard – Sonu Nigam, Sarabjit – (दर्द)

मैं दर्दों को पास बिठा कर ही सोऊँ
जो तुझे लगता बारिश है, वो मैं हूँ जो रोऊँ
मैं दर्दों को पास…

खुशियों से मिलना भूल गए
तुम इतना क्यूँ हमसे दूर गए
कोई किरण इक दिन आएगी
तुम तक हमको ले के जायेगी
मैं दर्दों को पास बिठा कर ही सोऊँ
पंख अगर होते, उड़ के चला मैं आता
रुकता न एक पल
क़ैद ये कैसी ख़ुदा, साँस भी रूठी है
सीने में आजकल


Movie/Album: सरबजीत (2016)
Music By: जीत गांगुली
Lyrics By: रश्मि विराग, जानी
Performed By: सोनू निगम