जो भी चाहूँ वो मैं पाऊँजिंदगी में जीत जाऊंचाँद तारे तोड़ लाऊंसारी दुनिया पर मैं छाऊँबस इतना सा ख्वाब हैयार तू भी सुन ज़रा, आरजू मेरी है क्यामैं क्या बन जाना चाहता हूँमैं कहाँ ख़राब हूँ, मैं तो लाजवाब हूँमैं ये मनवाना चाहता हूँमान जा ऐ खुदाइतनी सी है दुआमैं …

मोहे आई ना जग से लाजमैं इतना ज़ोर से नाची आजकि घुंघरू टूट गएकुछ मुझपे नया जोबन भी थाकुछ प्यार का पागलपन भी थाएक पलक मेरी तीर बनीएक जुल्फ मेरी ज़ंजीर बनीलिया दिल साजन का जीतवो छेड़े पायलिया ने गीतकि घुँघरू टूट गए…मैं बसी थी जिसके सपनों मेंवो गिनेगा अब …

आँखों में तेरीअजब सी अजब सी अदाएं हैंदिल को बनादे जो पतंग साँसेये तेरी वो हवाएं हैंआई ऐसी रात है जोबहुत खुशनसीब हैचाहे जिसे दूर से दुनियावो मेरे करीब हैकितना कुछ कहना हैफिर भी है दिल मेंसवाल कहींसपनो में जो रोज कहा हैवो फिर से कहूँ या नहींतेरे साथ साथ …

हम जो चलने लगे, चलने लगे हैं ये रास्तेमंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्तेआओ खो जाएँ हम, हो जाएँ हम यूं लापताआओ मीलों चलें, जाना कहाँ न हो पताबैठे बैठे ऐसे कैसे कोई रास्ता नया सा मिलेतू भी चले मैं भी चलूँहोंगे कम ये तभी फासलेंआओ तेरा मेरा …

इन दिनों, दिल मेरा, मुझसे है कह रहातू ख्वाब सजा, तू जी ले ज़राहै तुझे भी इजाज़त, करले तू भी मुहब्बतबेरंग सी है बड़ी ज़िन्दगी कुछ रंग तो भरूं मैं अपनी तनहाई के वास्ते अब कुछ तो करुँजब मिले थोडी फुर्सत, मुझसे करले मुहब्बतहै तुझे भी इजाज़त, करले तू भी मुहब्बतउसको …

रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गयेपहले जां, फिर जानेजां, फिर जानेजाना हो गयेदिन-ब-दिन बढती गईं इस हुस्न की रानाइयां,पहले गुल, फिर गुल-बदन, फिर गुल-बदामां हो गएआप तो नज़दीक से नज़दीक-तर आते गए,पहले दिल, फिर दिलरुबा, फिर दिल के मेहमां हो गएप्यार जब हद से बढ़ा सारे तकल्लुफ …

कल चौदहवीं की रात थीशब भर रहा चर्चा तेराकल चौदहवीं की रात थीकुछ ने कहा ये चाँद हैकुछ ने कहा, चेहरा तेराकल चौदहवीं की रात थीहम भी वहीँ, मौजूद थेहम से भी सब पुछा किएहम हँस दिए, हम चुप रहेमंज़ूर था परदा तेराकल चौदहवीं की रात थी…इस शहर में किस्से …

कभी कभी अदिति जिंदगी में यूँ ही कोई अपना लगता हैकभी कभी अदिति वो बिछड़ जाए तो एक सपना लगता हैऐसे में कोई कैसे अपने आंसुओं को बहने से रोकेऔर कैसे कोई सोचले Everything’s Gonna Be Okayकभी कभी तो लगे जिंदगी में रही ना खुशी और ना मज़ाकभी कभी तो …

हीरे मोती मैं ना चाहूँमैं तो चाहूँ संगम तेरामैं तो तेरी, सैयांतू है मेरा, सैयांतू जो, छू ले, प्यार सेआराम से मर जाऊंआजा, चंदा, बाहों मेंतुमें ही गुम हो जाऊंमैं, तेरे नाम में खो जाऊंसैयां…मेरे दिन खुशी से झूमें, गायें रातेंपल-पल मुझे डुबाए जाते-जातेतुझे जीत-जीत हारूंये प्राण-प्राण वारूँहाय ऐसे मैं …

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद हैहम को अब तक आशिकी का वो ज़माना याद हैतुझ से मिलते ही वो कुछ बेबाक हो जाना मेराऔर तेरा दांतों में वो उंगली दबाना याद हैचुपके चुपके रात दिन…चोरी-चोरी हम से तुम आ कर मिले थे जिस जगहमुद्दतें गुजरीं पर अब तक …