Arre Kisne Chilman Se Maara – Manna Dey, Baat Ek Raat Ki – (अरे किसने चिलमन से मारा)

अरे किसने, चिलमन से मारा
अरे नज़ारा मुझे
बिखेरे बाल जब वो
आसमानों पर घटा झूमे
चले जब नाज से ज़ालिम
क़यामत भी क़दम चूमे
हाँ, पग में पायल डार के
घूंघट नयन झुकाए
बिन बादल की दामिनी
चमकत लचकत जाय
फिर ना देखा हाय
अरे, फिर ना देखा पलट के दुबारा मुझे
किसने चिलमन से…
सीने में दिल है, दिल में दाग
दागों में सोज़-ओ-साद-ऐ-इश्क
परदा बपर्दा है पिनहा 
परदानशीं का राज़-ऐ-इश्क
जतन मिलन का तब करूं
नाम पता जब होय
एक झलक बस
एक झलक दिखलाय के
कर गई पागल मोय
मेरे दिल ने तड़पकर पुकारा मुझे
किसने चिलमन से…
Movie/Album: बात एक रात की (1962)
Music By: एस.डी.बर्मन 
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मन्ना डे