Agar Tum Saath Ho – Alka Yagnik, Arijit Singh, Tamasha – (अगर तुम साथ हो)

पल भर ठहर जाओ, दिल ये संभल जाए
कैसे तुम्हें रोका करूँ
मेरी तरफ आता, हर ग़म फिसल जाए
आँखों में तुमको भरूँ
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
गर तुम साथ हो
अगर तुम साथ हो

बहती रहती नाहर नदियाँ सी
तेरी दुनिया में, मेरी दुनिया है
तेरी चाहतों में, मैं ढल जाती हूँ
तेरी आदतों में
गर तुम साथ हो…
तेरी नज़रों में है तेरे सपने
तेरे सपनों में है नाराज़ी
मुझे लगता है के बातें दिल की 
होती लफ़्ज़ों की धोखेबाज़ी 
तुम साथ हो या ना हो, क्या फर्क है 
बेदर्द थी ज़िन्दगी, बेदर्द है 
अगर तुम साथ हो…

पलकें झपकते ये, दिन ये निकल जाए 
बैठी-बैठी भागी फिरूँ
मेरी तरफ आता, हर ग़म फिसल जाए
आँखों में तुमको भरूँ
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
गर तुम साथ हो…
तेरी नज़रों में है तेरे सपने…

अगर तुम साथ हो, दिल ये संभल जाए 
अगर तुम साथ हो, हर ग़म फिसल जाए
अगर तुम साथ हो, दिल ये निकल जाए 
अगर तुम साथ हो, हर ग़म फिसल जाए


Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: अलका याग्निक, अरिजीत सिंह