Aaja Panchhi Akela Hai – Rafi, Asha – (आजा पंछी अकेला है)

ओ आजा पंछी अकेला है 
ओ सो जा निंदिया की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है 

उड़ गई नींद यहां मेरे नैन से 
बस करो यूं ही पड़े रहो चैन से
लागे रे डर मोहे लागे रे 
ओ ये क्या डरने की बेला है 
आजा पंछी अकेला है…

ओहो कितनी घुटी सी है ये फ़िज़ा 
आहा कितनी सुहानी है ये हवा
मर गये हम, निकला दम, मर गये हम 
ओ मौसम कितना अलबेला है 
आजा पंछी अकेला है…

बिन तेरे कैसी अंधेरी ये रात है 
दिल मेरा धड़कन मेरी तेरे साथ है
तन्हां है फिर भी दिल तन्हां है 
ओ लागा सपनों का मेला है
आजा पंछी अकेला है…


Movie/Album: नौ दो ग्यारह (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले