Aaj Gaa Lo Muskura Lo – Md.Rafi, Lalkaar – (आज गा लो, मुस्कुरा लो)

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आज गा लो, मुस्कुरा लो
आज गा लो, मुस्कुरा लो
महफ़िलें सजा लो 
क्या जाने कल कोई साथी छूट जाए
जीवन की डोर, बड़ी कमज़ोर, यारों
किसको खबर कहाँ टूट जाए
गा लो मुस्कुरा लो…

हो तीर हसीनों के खाए ना जिसने
सीने पे गोली वो खायेगा कैसे, खायेगा कैसे
ज़ुल्फ़ों के साए में जो ना जिया हो
तोपों के साए में गायेगा कैसे, गाएगा कैसे
ज़िन्दगी का कोई हमसफ़र तो बना लो
गा लो, मुस्कुरा लो…

जंग और नफरत भरे इस जहां में
मोहब्बत का कोई चलन छोड़ जाओ, चलन छोड़ जाओ
यादों में कोई बहाए जो आँसू
किसी दिल में ऐसी लगन छोड़ जाओ, लगन छोड़ जाओ
है यादों में कितनी वफ़ा आज़मा लो
गा लो, मुस्कुरा लो…

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टूटा हुआ तारा, नदियाँ की धारा
है कौन ऐसा जो लौटा के लाये
हमसे जो बिछड़ा है साथी हमारा
है कौन ऐसा जो लौटा के लाये
अब ये नज़र रास्ते से हटा लो
गा लो मुस्कुरा लो…

शहीदों का खूँ है, वफ़ा की निशानी
इसे आँसुओं से धोते नहीं है
ये मौत है नाज़ करने के काबिल
वीरों को मरने पे रोते नहीं है
आज यादों को उनकी गले से लगा लो
गा लो, मुस्कुरा लो…


Movie/Album: ललकार (1972)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मो.रफ़ी