चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद हैहम को अब तक आशिकी का वो ज़माना याद हैतुझ से मिलते ही वो कुछ बेबाक हो जाना मेराऔर तेरा दांतों में वो उंगली दबाना याद हैचुपके चुपके रात दिन…चोरी-चोरी हम से तुम आ कर मिले थे जिस जगहमुद्दतें गुजरीं पर अब तक …