स्वस्थ जीवन टिप्स #17 – सही कसरत का चुनाव करें

आपको किस तरह की शारीरिक गतिविधि की आवश्यकता है, यह फैसला व्यक्तिगत होगा जो आपकी वर्तमान सेहत, कसरत की आदतें, वजन और इच्छित परिणामों पर निर्भर करता है। अधिकतर लोग व्यायाम का उद्देश्य निर्धारित करते हैं जैसे बीमारी से बचना, फिटनेस रखना, शक्ति बनाना, तनाव कम करना या भार कम करना। सही कसरत का चुनाव करना बड़ा महत्वपूर्ण है। आपके इरादे तो नेक हो सकते हैं पर यदि कसरत कठिन होती है या महंगी होती है या आपकी रूचि के अनुसार नहीं है तो फायदा नहीं होगा। एक बार आप ट्रेनिंग कार्यक्रम का मन बना लें, आप जीवन भर जारी रखेंगे। यदि आप रोक देते हैं तो लोच समाप्त हो जाती है। आपको वास्तविकता पर आधारित कार्यक्रम बनाना चाहिये। आपको वर्तमान सेहत और पिछला रिकार्ड भी देखना चाहिये। कसरत ट्रेनिंग के तीन सिध्दांत हैं जिन पर ध्यान देना चाहिये। ओवरलोड, विकास और निर्दिष्टता ओवरलोड- जैसे ही आप अपने कार्यक्रम के अनुसार आदत डालते हैं तो आपको धीरे-धीरे अपने शरीर की चुनौती बढ़ानी चाहिये। यदि आप सैर करने की शुरुआत एक कि.मी 20 मि. में चलकर करते हैं और कभी दूरी नहीं बढ़ाते या फिर समय नहीं घटाते तो कार्डियो रेस्पिरेटरी तंदुरुस्ती नहीं सुधरेगी। सुधार के लिये आपको शरीर पर और दबाव डालना चाहिये। इस उदाहरण में आपको समय 18 मिनट तक लाना होगा। सख्त कसरत करने से भी चोट का खतरा रहता है। कम करने पर लाभ नहीं मिलता। विकास – इसका अभिप्राय है धीरे-धीरे शरीर से ज्यादा मांग करना। अधिक मांग तो ठीक है पर इतनी भी न हो जाए कि आप ढाल ही न पायें। ओवरलोड की मात्रा अलग-अलग लोगों के लिये अलग-अलग है। उदाहरण के लिये यदि आप चुस्त नहीं रहते तो तेज पैदल चलने से दबाव पड़ सकता है पर किसी दूसरे के लिये यही जागिंग हो सकती है। निर्दिष्टता – फिटनेस सुधारने के लिये आपको निर्दिष्ट कसरत करनी पड़ेगी। यदि आप शरीर के ऊपरी भाग की मांसपेशियों को सुधारना चाहते हैं तो टांग को स्ट्रेच करने से लाभ नहीं।

यदि आप अपनी सेहत बनाने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले जरूरत है अपनी दिनचर्या सुधारने की। उसके लिए पेट साफ रखने की भी जरूरत है। पेट में कब्ज रहेगा तो कितने ही पौष्टिक पदार्थों का सेवन करें, लाभ नहीं होगा।

भोजन समय पर तथा चबा-चबाकर खाना चाहिए, ताकि पाचन शक्ति ठीक बनी रहे, फिर पौष्टिक आहार या औषधि का सेवन करना चाहिए। आचार्य चरक ने कहा है कि पुरुष के शरीर में वीर्य तथा स्त्री के शरीर में ओज होना चाहिए, तभी चेहरे पर चमक व कांति नजर आती है और शरीर पुष्ट दिखता है।

हम यहाँ कुछ ऐसे पौष्टिक पदार्थों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें किशोरावस्था से लेकर युवावस्था तक के लोग सेवन कर लाभ उठा सकते हैं और बलवान बन सकते हैं-

सोते समय एक गिलास मीठे गुनगुने गर्म दूध में एक चम्मच शुद्ध घी डालकर पीना चाहिए।

दूध की मलाई तथा पिसी मिश्री जरूरत के अनुसार मिलाकर खाना चाहिए, यह अत्यंत शक्तिवर्द्धक है।

एक बादाम को पत्थर पर घिसकर दूध में मिलाकर पीना चाहिए, इससे अपार बल मिलता है। बादाम को घिसकर ही उपयोग में लें।

छाछ से निकाला गया ताजा माखन तथा मिश्री मिलाकर खाना चाहिए, ऊपर से पानी बिलकुल न पिएँ।

50 ग्राम उड़द की दाल आधा लीटर दूध में पकाकर खीर बनाकर खाने से अपार बल प्राप्त होता है। यह खीर पूरे शरीर को पुष्ट करती है।

प्रातः एक पाव दूध तथा दो-तीन केले साथ में खाने से बल मिलता है, कांति बढ़ती है।

एक चम्मच असगंध चूर्ण तथा एक चम्मच मिश्री मिलाकर गुनगुने एक पाव दूर के साथ प्रातः व रात को सेवन करें, रात को सेवन के बाद कुल्ला कर सो जाएँ। 40 दिन में परिवर्तन नजर आने लगेगा।

सफेद मूसली या धोली मूसली का पावडर, जो स्वयं कूटकर बनाया हो, एक चम्मच तथा पिसी मिश्री एक चम्मच लेकर सुबह व रात को सोने से पहले गुनगुने एक पाव दूध के साथ लें। यह अत्यंत शक्तिवर्धक है।

सुबह-शाम भोजन के बाद सेवफल, अनार, केले या जो भी मौसमी फल हों, खाएँ।

सुबह एक पाव ठंडे दूध में एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर पीने से खून साफ होता है, शरीर में खून की वृद्धि होती है।

प्याज का रस 2 चम्मच, शहद 1 चम्मच, घी चौथाई चम्मच मिलाकर सेवन करें और स्वयं शक्ति का चमत्कार देखें। यह नुस्खा यौन शक्ति बढ़ाने में अचूक है।

उपरोक्त नुस्खे स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान हैं। इन्हें अनुकूल मात्रा में उचित विधि से सुबह-रात को सेवन करना चाहिए।